मानसरोवर

समय क्या पूछना
आलिंगनबद्ध युगल से
प्रश्न कैसा
जीवन की आपाधापी का
प्रेम में निबद्ध होने पर
एकात्म होने से
कहाँ अवकाश है
दुनियावी प्रपंचों के लिए।
पर अगर
अधूरा है विश्वास
तब निश्चय ही
अस्तित्व-शून्य है
प्यार
परिभाषा उसकी
और पावनता
मानसरोवर की
किसी के देवत्व के लिए।
*****
– केशव मोहन पाण्डेय

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