‘रूह की आवाज़’ पुस्तक का लोकार्पण

द्वारका (दिल्ली)। भाषा, साहित्य, कला और संस्कृति के संवर्धन-संरक्षण के लिए समर्पित संस्था ‘सर्व भाषा ट्रस्ट’ द्वारा कवयित्री केशी गुप्ता की प्रथम काव्य-कृति ‘रूह की आवाज़’ के लोकार्पण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व राज्यपाल सैयद सिब्ते रज़ी थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार व सर्व भाषा ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री अशोक लव ने किया।

बताते चलें कि द्वारका स्थित जैन मंदिर के सभागार में केशी गुप्ता की प्रथम काव्य-कृति ‘रूह की आवाज़’ के लोकार्पण के लिए एक सफल व शानदार कार्यक्रम का आयोजन किय गया था। यह आयोजन भाषा, साहित्य, कला और संस्कृति के संवर्धन-संरक्षण के लिए समर्पित संस्था ‘सर्व भाषा ट्रस्ट’ द्वारा किया गया था। उक्त आयोजन का प्रारम्भ गगनदीप कौर की सरस्वती वंदना व अतिथियों द्वारा दीप-प्रज्वलन से किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि झारखंड व ओडिशा के पूर्व राज्यपाल सैयद सिब्ते रज़ी ने कहा कि प्रत्येक साहित्यकार के लिए उसके नज़्म, उसकी शाइरी, उसकी कविताएँ उसके रूह की आवाज़ होती है। कवयित्री की रूह की आवाज़ पढ़ने वालों के रूह में उतरे, यही दुआ है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार व सर्व भाषा ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री अशोक लव ने कहा कि भावों को किसी सीमा में नहीं बाँधा जा सकता। कविता भी बंधनों में नहीं बँधती। काव्य की विभिन्न विधाओं का अपना-अपना व्याकरण है। रूह की आवाज़ की कविताएँ भावों से ओत-प्रोत हृदय की काव्यमय अभिव्यक्ति हैं।


केशी गुप्ता ने पुस्तक से काव्य पाठ किया तदुपरांत डाॅ. मनोज तिवारी, केशव मोहन पाण्डेय, डाॅ. किरण सोनी, एम. सी जैन व आभा जैन ने पुस्तक पर प्रपत्र पढ़ा। सुभास पार्टी के अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने, प्रवक्ता सतेन्द्र यादव ने, डाॅ. सरोज कुमार त्रिपाठी – पूर्व सहायक निदेशक, केन्द्रीय सचिवालय ने, सर्व भाषा ट्रस्ट की वरिष्ठ उपाध्यक्षा तरुणा पुण्डीर ने, भोजपुरी साहित्य सरिता के संपादक जयशंकर प्रसाद द्विवेदी ने, गायक प्रदीप शर्मा ने व सामजसेवक प्रमोद प्रसाद जी ने शुभकामनाएँ दी।


सर्व भाषा ट्रस्ट द्वारा केशी गुप्ता को उनकी प्रथम प्रकाशित पुस्तक के लिए ‘सूर्यकांत त्रिपाठी निराला साहित्य सम्मान – 2019’ से सम्मानित किया गया। सम्मान में स्मृति चिह्न, अंग-वस्त्र, नारियल और 2100 रूपये नकद दिये गये। पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती श्वेता और बरखा मर्चेन्ट ने किया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में एक रोचक कवि-गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें तरुणा पुंडीर, जे पी द्विवेदी, शशि रंजन मिश्र, भावना अरोड़ा, प्रदीप पाण्डेय किरण सोनी, बरखा मर्चेंट आदि ने अपनी कविताएँ प्रस्तुत की।

कार्यक्रम के संयोजक केशव मोहन पाण्डेय थे। अंत में सीाी आगंतुकों के प्रति तरुणा पुंडीर जी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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