परवरिश

एक सामान्य परिवार से होकर भी उद्भव जी ने अपने कर्मों से खूब नाम, यश, प्रतिष्ठा कमायी। क्षेत्र क्या, पूरे मंडल में कोई सामाजिक, साहित्यिक या बौद्धिक कार्य हो रहा हो, तो उसमें उद्भव जी निश्चित ही रहते हैं। उनकी महति भूमिका भी होती है। उद्भव जी ने शहर में रहकर बेटे प्रेम और बेटी प्रभा को उच्च शिक्षा दी। बेटी को एक एन आर आई इंजीनियर से व्याह दिया। अब बेटी भी अमेरिका में…

"परवरिश"