‘साहित्य साधना है,व्यसन नहीं’

सजग चेतना वालों में सिसृक्षा का बीज बोने का निरंतर काम करने वाले साहित्यकार श्री आर. डी. एन. श्रीवास्तव अर्थात रूद्र देव नारायण श्रीवास्तव का जन्म 10 दिसंबर 1939 को ग्राम बैरिया, नन्दा छपरा, रामकोला, जनपद कुशीनगर (उत्तर-प्रदेश) में हुआ। उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में एम. ए. किया परन्तु रचनाएँ हिंदी में करने लगे। उन्होंने लोकमान्य इंटर कालेज, सेवरही कुशीनगर (उत्तर-प्रदेश) से प्रधानाचार्य पद से अवकाश लिया है। उनकी रचनाओं की धार बहुत ही तीक्ष्ण होती…

"‘साहित्य साधना है,व्यसन नहीं’"